
अब दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के परिजनों को चि_ी के लिए लम्बा इन्तजार नहीं करना होगा। बस उन्हें केवल महज तीन घण्टों में ही अपने रिश्तेदार या परिजन के समाचार मिल जाएंगे। भारतीय डाक विभाग नेे समय के साथ बदलाव करते हुए सभी डाकघरों को भी हाईटैक बनाने की कवायद शुरू की गई और इसी के तहत नागौर पोस्ट आफिस को भी इससे जोड़ दिया गया। हालांकि डाक विभाग की ओर से इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार नहीं हो पाने के कारण शहर के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। डाक विभाग की ओर से सूचना क्रांति के इस दौर में आमजन को डाक विभाग से जोड़े रखने के लिए नई नई योजनाएं तैयार कर आम जन को जोड़े रखने का प्रयास किया गया लेकिन पर्याप्त प्रचार के अभाव में इनकी संख्या न्यून के बराबर ही है। नकाश गेट स्थित मुख्य डाकघर के डाकपाल ने बताया कि इस योजना के तहत देश में किसी भी स्थान पर संदेश भेजने के लिए केवल १० रुपए का शुल्क लिया जाता है और इसे भी स्टॉम्प लगाकर भेजा जाता है। साथ ही विदेशों में इस सेवा का लाभ लेने पर विभाग की ओर से इस संदेश को स्केन पर प्राप्त कर्ता के मेल एड्रेस पर डाल दिया जाता है। जिससे लोगों को जल्द संदेश प्राप्त हो जाते है।
डाक विभाग की ओर से ई-पोस्ट के तहत उपभोक्ता द्वारा 10 रुपए का शुल्क चुका कर एक ए-4 साईज के पेपर पर संदेश लिखकर डाकघर में दिया जाता है। डाककर्मी द्वारा पेपर को स्केन कर वांछित डाकघर में इंटरनेट से मेल कर दिया जाता है। वहां से उस संदेश के प्रिंट को डाकिया दिए गए पत्ते पर पहुंचा देता है। इस प्रक्रिया में केवल 3 से 4 घंटे का समय लगता है।
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